इश्क़ में डूबे दिल की जो हकीकत होती है, वो सिर्फ़ एहसास से ही समझी जाती है। फूलों की खुशबू में बसी है दुनिया सारी, पर मोहब्बत की हकीकत कुछ और ही होती है। जब दिल में जज़्बात हों और आँखों में आंसू, तब ही तो सच्ची मोहब्बत की पहचान होती है। ज़िंदगी की राहों में कभी कभी हम खो जाते हैं, पर सच्चे इश्क़ में ही हमें खुद की पहचान होती है आज मैं बहुत खुश हूँ, ये खुशी के आँसू हैं, दिल में उमंगें हैं, और आँखों में संगीत हैं। जो पल बीते थे कभी ग़म के साये में, आज वे पल मीठे, जैसे गुलाब की खुशबू हैं। आशीर्वाद से मिली है ये राहत की हवा, आज दिल में बस इक ताजगी की बयार हैं। वो अंधेरे थे जो छाए थे कभी राहों में, अब तो रौशनी ही रौशनी है, हर तरफ़ इश्क़ है। ये आँसू, ये मुस्कान, बस खुशी के एहसास हैं, दिल में बसी हर चाहत अब हकीकत है, एहसास है।
आशियाना मेरी माँ माँ, तू है मेरी दुनिया, तेरी छांव में सुकून मिला, तेरी गोदी में जो मिला प्यार, वो कोई शब्द नहीं कह सकेगा। तेरी मुस्कान में छुपा सुख, तेरी आंखों में अनमोल रत्न, तू ही मेरा घर है, तू ही मेरा आशियाना। तेरी ममता की छांव में, हर दर्द भी दूर हो जाता, तेरी हंसी के बीच, मेरा हर ग़म भूल जाता। सुन, माँ, तू मेरे लिए, संसार की सबसे कीमती चीज़ है, तू है आशियाना मेरा, जहां हमेशा मेरा दिल बसा है। तू जब पास हो, तो लगता है, जैसे हर खुशी का एहसास हो, आशियाना मेरा सिर्फ तू है, माँ, तू है मोहब्बत का आशियाना मेरी माँ है, दिल से प्यारा एक जहाँ मेरी माँ है. उसके होठों पे है सुकून का राज, उसके हाथों में है जिंदगी का अंदाज़। जब भी दुनिया से छुपके, दिल ढूंढे अपने सपने, मेरी माँ का चेहरा समुंदर सा गहरा, जहां मिलती है हर ख़ुशी की उम्मीद की लहर। उसकी मुस्कुराहट में छुपी है खुशियाँ, उसकी बातों में मिलती है जीत की दुश्मन, मेरी माँ मेरी दुनिया है, वही तो मेरी मोहब्बत का आशियाना है। छोटे से सपने का रंग उसने दिया, जिंदगी की राहों में, उसने साथ दिया, ह...
" जिंदगी " समुद्र के किनारे जब एक लहर आई तो एक बच्चे की चप्पल अपने साथ बहा ले गई, बच्चा रेत पर अंगुली से लिखता है "समुद्र चोर है".. उसी समुद्र के एक दूसरे किनारे एक मछुआरा बहुत सारे मछली पकड़ लेता है, वह उसी रेत पर लिखता है "समुद्र मेरा पालनहार है".. एक युवक समुद्र में डूबकर मर जाता है, उसकी मां रेत पर लिखती है "समुद्र हत्यारा है".. एक दूसरे किनारे एक गरीब बूढ़ा टेढ़ी कमर लिए रेत पर टहल रहा था उसे एक बड़े सीप में एक अनमोल मोती मिल गया, वह रेत पर लिखता है "समुद्र दानी है".. अचानक एक बड़ी लहर आती है और सारे लिखा मिटा कर चली जाती है.. लोग जो भी कहे समुद्र के बारे में लेकिन विशाल समुद्र अपनी लहरों में मस्त रहता है.. अपने उफान और शांति वह अपने हिसाब से तय करता है.. अगर विशाल समुद्र बनना है तो किसी के निर्णय पर अपना ध्यान ना दें.. जो करना है अपने हिसाब से, स्वविवेक से करें.. जो गुजर गया उसकी चिंता में ना रहे.._ _हार-जीत, खोना-पाना, सुख-दुख, इन सबके चलते मन को विचलित ना होने दें.. अगर जिंदगी सुख शांति से ही भरी होती तो ...
Comments
Post a Comment